आखिरकार खुल ही गया राज, इस वजह से पीएम नरेंद्र मोदी ने किया था अपनी पत्नी का त्याग

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ये तो सब जानते है कि वर्तमान समय में नरेंद्र मोदी देश के पीएम यानि प्रधानमंत्री है. हालांकि वो अगले साल भी इस देश के पीएम रहेंगे या नहीं, ये कहना अभी मुश्किल है. बरहलाल नरेंद्र मोदी के भविष्य में प्रधानमंत्री बनने के बारे में तो कोई नहीं जानता, लेकिन इसमें कोई शक नहीं कि वर्तमान में उनके प्रधानमंत्री बनने के बाद उन्होंने देश भर में अपनी एक अलग पहचान बना ली है. शायद यही वजह है कि आज हर किसी की जुबान पर केवल मोदी का ही नाम है. वैसे इसमें कोई दोराय नहीं कि आज नरेंद्र मोदी देश के सबसे ताकतवर इंसान माने जाते है.

अब जाहिर सी बात है कि जिस इंसान ने पाकिस्तान को हिला कर रख दिया और अमेरिका जैसे देश को अपने सामने झुकने पर मजबूर कर दिया, वो इंसान कोई मामूली इंसान तो नहीं होगा. अब इसे मोदी साहब की पदवी की ताकत कहे या उनका जोश, लेकिन ये कहना गलत नहीं होगा, कि उनके प्रधानमंत्री बनने के बाद देश में काफी परिवर्तन आया है. गौरतलब है कि नरेंद्र मोदी कई सालो से भारतीय जनता पार्टी से जुड़े हुए है. जी हां वह कई सालो से संघ की सेवा कर रहे है. हालांकि मोदी साहब के प्रधानमंत्री बनने के बाद सब को यह बात भी पता चल गया कि मोदी जी कुंवारे नहीं है, बल्कि विवाहित है और उनकी पत्नी का नाम जशोदाबेन है.

मगर आपको जान कर हैरानी होगी कि मोदी जी ने प्रधानमंत्री बनने से पहले ही अपनी पत्नी का त्याग कर दिया था. अब उन्होंने ऐसा क्यों किया था, ये जानने के लिए तो आपको पूरी खबर विस्तार से पढ़नी पड़ेगी. बरहलाल मोदी जी के विवाहित जीवन को लेकर उनके भाई ने एक बड़ा खुलासा किया है. जिसके बारे में शायद कोई नहीं जानता. जी हां मोदी जी के भाई ने इस राज से पर्दा उठा दिया है कि आखिर उन्होंने अपनी पत्नी को क्यों छोड़ दिया है. गौरतलब है कि नरेंद्र मोदी एक गुजराती परिवार से ताल्लुक रखते है. यानि गुजरात से उनका काफी गहरा नाता है. वैसे आपको जान कर हैरानी होगी कि मोदी जी जब 17 साल के थे, तभी उनकी शादी हो गई थी.

जी हां जिससे उनकी शादी हुई थी, उस लड़की का नाम जशोदाबेन है. बता दे कि तब जशोदाबेन की उम्र महज पंद्रह साल थी. अब यूँ तो मोदी जी आज के समय में लड़कियों को पढ़ने की और पढ़ाई करवाने की प्रेरणा देते है. मगर पहले के समय में जिस उम्र में लड़कियों को पढ़ना चाहिए था, उस उम्र में उनकी शादी करने का रिवाज था. यानि अगर हम सीधे शब्दों में कहे तो जब मोदी जी की शादी हुई, तब न वह खुद बालिग थे और न ही उनकी पत्नी बालिग थी.

हालांकि तीन साल एक साथ रहने के बाद मोदी जी ने अपनी पत्नी को त्याग दिया था. यानि वो अपनी पत्नी को छोड़ कर चले गए थे. बरहलाल मोदी जी के भाई ने एक इंटरव्यू के दौरान इस सच को सब के सामने जाहिर किया था. जी हां उन्होंने बताया कि मोदी जी सांसारिक जीवन को त्याग कर देश की सेवा करना चाहते थे और इसी वजह से वह संघ से जुड़ गए थे. जिसके बाद उन्होंने घर और पत्नी दोनों को त्याग दिया था.

गौरतलब है कि इसके इलावा अपनी पत्नी को त्यागने की कोई और वजह नहीं है. बता दे कि पीएम मोदी ने साल 2014 में पहली बार इस रिश्ते को कबूल किया था. उस समय वह वडोदरा सीट से पर्चा दाखिल कर रहे थे. दरअसल इससे पहले वह इस कॉलम को खाली छोड़ देते थे. मगर तब उन्होंने पहली बार ये कबूल किया था कि उनकी पत्नी जशोदाबेन है. इसका मतलब ये है कि मोदी जी ने अपनी पत्नी को त्याग तो दिया था लेकिन उन्हें कभी तलाक नहीं दिया.

बरहलाल हम तो यही उम्मीद करते है कि अगले साल भी हमारे देश के पीएम कोई और नहीं बल्कि नरेंद्र मोदी ही बने.