रोड पर जख्मी पड़ी लडकी को ड्राईवर ने अपनी टैक्सी बेचकर बचाया, बदले में लडकी ने किया ऐसा

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दोस्तों सहारनपुर से एक ऐसा मामला सुनने को आ रहा है जो सोशल मिडिया पर बहुत ही ज्यादा वायरल हो रहा है. जहाँ पर आसिमा नाम की एक लडकी किनारे एकदम धुत पड़ी हुई थी क्योंकि उसका एक्सीडेंट हो चूका था और वह उठने की हालत में नहीं थी. लडकी की कोई भी मदद करने की कोशिश नही कर रहा था जो भी वहां से जाता उसे देखता तो जरुर लेकिन उसे उठाता नही था. तो उसी दौरान वहां पर एक टेक्सी ड्राईवर आया जोकि अपने आपको रोक नही पाया और उसने आसिमा को उठाया और अपनी टैक्सी में बिठाकर होस्पिटल की तरफ मोड़ लिया. ड्राइवर जब हॉस्पिटल पहुंचा तो डॉक्टर ने उसको बोला आसिमा का ऑपरेशन करवाना होगा और उसके लिए 2 लाख रूपये चाहिए.

टैक्सी ड्राइवर ने अभी हाल ही में पैसे जमा करके टैक्सी ली थी और उसके पास अब पैसे भी नही थे. ये टैक्सी अकेला सहारा थी उसका घर का गुजारा चलाने के लिए. ड्राईवर के दिमाग में एक बार भी ये बात नही आई कि वह उस लडकी को वहां पर अकेला छोडकर चला जाए या फिर पैसे के लिए किसी और को फोन करे. उसे कुछ समझ नही आया कि पैसो का बंदोबस्त इतने कम समय में कैसे करे तो उसने फौरन अपनी टैक्सी को ढाई लाख रूपये में बेच दिया. ढाई लाख रूपये लेने के बाद वह होस्पिटल पहुंचा और उसने पैसे वहां पर जमा करवाएं. आसिमा का इलाज हुआ और इलाज होने के बाद लडकी बेहोश पड़ी थी.

लडकी का इलाज करवाने के बाद टैक्सी ड्राइवर वहां से चला गया. आसिमा को जब होश आया तो उसने टैक्सी ड्राइवर का पता लगाया और उसके घर पहुँच गयी. ड्राईवर के घर जाकर आसिमा ने एक बात बोली आप मेरे भाई हो. वहां पर ऐसा कोई भी नही था जोकि इंसानियत के नाते मेरी मदद कर पाता. आसिमा ने कहा कि उसका ग्रेजुएशन होने वाला है और उसे डिग्री मिलने वाली है इसलिए आप मेरे कॉलेज फंक्शन में आना. ड्राईवर गरीब था लेकिन उसने एक बार भी आसिमा को इस बात का एहसास नही होने दिया और चुपचाप उसके कॉलेज फंक्शन में आ गया. डाइवर अपनी माँ के साथ सबसे पीछे वाली कुर्सी में छिपकर बैठा हुआ था क्योंकि उसकी कोई मैचिंग ही नही थी वहां के लोगो के साथ.

लडकी पढने में काफी ज्यादा अच्छी थी और ऐसे में उसे गोल्ड मैडल मिला तो आसिमा ने स्टेज पर ये चीज बताई कि मेरी जब जिन्दगी खत्म होने जा रही थी तब एक इन्सान ने मुझे जिन्दगी दी. मुझे पता है कि मेरी माँ ने मुझे जिन्दगी दी है पर दूसरी बार उस इन्सान ने मुझे जिन्दगी दी है. जोकि सबसे पीछे इस समय बैठा है. इसलिए इस मैडल की हकदार मैं नही हूँ इसका हकदार वो इन्सान है जिसने मेरी जान बचाई है उसको स्टेज पर बुलाया और मैडल पहनाया. इसके बाद आसिमा ने उस टैक्सी ड्राईवर को फिर से एक टैक्सी गिफ्ट की. जिसके बारे में सुनकर वह बहुत ज्यादा खुश हुई और उसके बाद भी आसिमा ने ड्राईवर और उसके परिवार को काफी सारे महंगे गिफ्ट्स दिए.