खेसारी लाल यादव के पिता ने चने बेच- बेच कर दिए थे कैसेट निकालने के पैसे, 2 बार फेल होकर भी नहीं मानी हार

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इन दिनों भोजपुरी फिल्म इंडस्ट्री भी भारत देश में अपने झड़े पसार रही है. यहां ऐसे बहुत से दिग्गज कलाकार हैं जिन को देखना फैंस काफी पसंद करते हैं और यह हस्तियां देश ही नहीं बल्कि विदेश में भी अच्छा खासा नाम कमा रही हैं. भोजपुरी फिल्म जगत में अनेकों ऐसे सितारे हैं जो कि अपने बेहतरीन अभिनय के लिए जाने जाते हैं और लाखों की फैन फॉलोइंग रखते हैं. उनमें से एक नाम खेसारी लाल यादव का भी आता है जो कि ना केवल एक गायक बल्कि भोजपुरी फिल्म अभिनेता और डांसर भी हैं. भोजपुरी फिल्मों में खेसारी लाल यादव का नाम सुपरस्टार्स की लिस्ट में शामिल है. वह ‘बिग बॉस 13’ सीजन में भी शामिल हो चुके हैं. आज वह किसी परिचय के मोहताज नहीं रहे हैं. वह जिस भी फिल्म में आते हैं या फिर जो भी एल्बम निकालते हैं वह रातों-रात हिट हो जाती है. इसके अलावा उनके चाहने वालों की भी कोई कमी नहीं है.

आज भले ही खेसारी लाल यादव कामयाबी की सीढ़ी के सबसे ऊपर पड़ाव पर पहुंच चुके हैं. लेकिन उन्हें बचपन से ही ऐसा स्टारडम हासिल नहीं हुआ है. भोजपुरी के लाजवाब गायक माने जाने वाले खेसारी लाल यादव ने आज जो कुछ भी कमाया है, इसका पूरा श्रेय उनकी मेहनत और दृढ़ता को जाता है. बिहार के छपरा जिले में जन्म लेने वाले खेसारी लाल यादव ने शोहरत पाने के लिए कठिन संघर्ष किया है. उनके लिए सुपरस्टार का टैग जीतना आसान नहीं रहा है.

एक इंटरव्यू के दौरान खेसारी लाल यादव ने अपने गरीबी के दिनों को याद किया था और उसके बारे में बातचीत की थी जिसके बारे में बताते हुए उनकी आंखों से आंसू तक छलक पड़े थे. उन्होंने बताया था कि जब वह जन्म लिए थे तो उनका परिवार बेहद गरीबी की अवस्था में था. इतना ही नहीं बल्कि उनका जन्म उनके पड़ोसी के घर में हुआ था. खेसारी लाल यादव के तीन भाई है. वही उनके चाचा के बच्चों का मिलाकर वह कुल 7 भाई हैं जिनकी परवरिश खेसारी लाल यादव की मां ने ही की है.

खेसारी लाल यादव ने इंटरव्यू के दौरान बताया कि उनका घर मिट्टी का बना हुआ था जो कि बारिश के दिनों में अक्सर बह जाया करता था. अभिनेता के अनुसार उनके पिता ही परिवार में अकेले कमाने वाले शख्स थे. चने बेच-बेच कर अपने परिवार का पेट पाला करते थे. बता दे कि जितने मेहनती आज खेसारी लाल यादव है उससे कई गुना अधिक मेहनती उनके पिता रहे हैं जिन्होंने अपने जीवन में काफी संघर्ष भी किया है.

अपने स्ट्रगल डेज को याद करते हुए खेसारी लाल यादव ने बताया कि उनके पिता ने कई सालों तक चने बेच बेच कर उनके लिए कैसेट निकालने के पैसे भरे थे. उन्होंने इन पैसों से दो कैसेट बनाए थे पर उनकी किस्मत तब उनके साथ नहीं थी और उनकी दोनों ही कैसेट सुपर फ्लॉप साबित हुई थी. इसके बाद भी उन्होंने हार नहीं मानी और उनके पिता ने जैसे-तैसे ₹8000 जमा करके उन्हें तीसरी कैसेट के लिए पैसे दिए थे. बाकी पैसों का जुगाड़ खेसारी लाल यादव ने जैसे-तैसे खुद से किया था.

बता दें कि खेसारी लाल यादव कभी महाभारत और रामायण में भी गाने गाया करते थे और स्टेज परफॉर्मेंस करते थे. इस दौरान उनको थोड़ा बहुत रुपया मिल जाता था. आखिरकार उन्होंने सब पैसे मिलाकर ₹25000 में तीसरी कैसेट रिलीज की थी. यह कैसेट छपरा, सीवान और गोपालगंज के जिलों में खूब वायरल हुआ था और रातों-रात खेसारी लाल यादव एक स्टार बन गए थे. इसके बाद से ही उन्हें काम मिलना शुरू हो गया था.

खेसारी लाल यादव को पहली बार सफलता भोजपुरी एल्बम ‘माल भेटाई मेला’ से मिली थी. साल 2012 में उनकी पहली भोजपुरी फिल्म ‘साजन चले ससुराल’ आई थी जो कि बॉक्स ऑफिस पर सुपरहिट साबित हुई थी. इस फिल्म में उनके साथ मुख्य किरदार में स्मृति सिन्हा नजर आई थी यह फिल्म दर्शकों को काफी पसंद भी आई थी. इसके बाद खेसारी लाल यादव ने कभी पीछे मुड़कर नहीं देखा और ‘जान तेरे नाम’, ‘देवरा पर मनवा डोले’, ‘नागिन’, ‘लहू दो रंग’, ‘दबंग’, ‘संघर्ष’ आदि जैसी तमाम सुपरहिट फिल्में की 11 जून 2006 को खेसारी लाल यादव की शादी हुई थी उनकी पत्नी का नाम चंदा देवी है. अब उनकी एक बेटी प्रीति और एक छोटा बेटा ऋषभ है दोनों ही बच्चे खेसारी लाल यादव को बहुत प्रिय हैं. वह अक्सर सेट पर अपने बच्चों को साथ ले जाया करते हैं.