जानें, सर्जिकल स्ट्राइक के दौरान भारतीय सेना पाक में क्यों साथ लेकर गए थे तेंदुए का मल और पेशाब

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ये बात तो हम सभी जानते हैं कि पीएम मोदी की सरकार बनने के बाद कई ऐसे ऐतिहासिक फैसले लिए गए जिन्‍हें लोग हमेशा के लिए याद रखेंगे। इतना ही नहीं इन फैसलों को पूरी दुनिया याद रखेगी दरअसल हम बात कर रहे है आज से करीब 2 वर्ष पहले साल 2016 की बात जब उरी स्थित सेना के कैंप पर किए गए आतंकी हमले के बाद पाकिस्‍तान में जिस सर्जिकल स्‍ट्राइक को अंजाम दिया गया था आपको बता दें कि उस सर्जिकल स्‍ट्राइक को आज 2 वर्ष पूरे होने जा रहे हैं। इस ऑपरेशन के दौरान पाकिस्तान में घुस कर भारतीय सेना के जवानों ने सर्जिकल स्ट्राइक कर आतंकवादियों को न सिर्फ मौत के घाट उतारा था, बल्कि उसके कई कैंपों को तबाह कर दिया था।

दअरसल आपको याद दिला दें कि ये ऑपरेशन उरी बेस कैंप पर हुए आतंकी हमले और पठानकोट का बदला लेते हुए भारतीय सेना द्वारा किया गया था जिससे पाकिस्तान को कड़ा संदेश मिल सके और इसके साथ ही इसके जरिए ये बताने की कोशिश की थी कि अगर आंतकवादी घनटनाओं पर लगाम नहीं लगाया गया तो भारतीय सेना उसके घर में भी घुस कर मार सकती है लेकिन ये बात भी सच है कि सर्जिकल स्ट्राइक करना भारतीय सेना के लिए इतना आसान भी नहीं था। इस दौरान सेना के कमांडो ने पाकिस्‍तान की सीमा में करीब 15 किमी अंदर जाकर आतंकियों के तीन लॉन्चिंग पैड ध्‍वस्‍त किये थे।

इस सर्जिकल स्‍ट्राइक में 30 आतंकी भी मारे गए। इसके बाद पाकिस्‍तान ने कुछ समय के लिए आतिंकियों के कैंप भी यहां से हटा दिये थे। इतना ही नहींं इसके बाद सरकार ने सर्जिकल स्‍ट्राइक में शामिल जवानों को वर्ष 2017 में सम्‍मानित भी किया गया था। वहीं आपको ये भी बताते चले कि इस ऑपरेशन के दौरान भारतीय सेना को ऐसी चीजों का इस्तेमाल करना पड़ा, जिस पर आप आसानी से विश्वास भी नहीं कर पाएंगे। सर्जिकल स्ट्राइक में करीब 50 आतंकी मारे गए थे और कई आतंकी कैंप पूरी तरह से तबाह भी हुए थे। सरकार ने बाद में पैरा कमांडोज की सर्जिकल स्ट्राइक के ऑपरेशन की कहानी शेयर की थी। सर्जिकल स्‍ट्राइक के बारे में ये वो बातें थीं जिसे आपमें से लगभग सभी लोग जानते होंगे लेकिन आज हम इससे जुड़ी एक ऐसी बात आपको बताने जा रहे हेा जिसे आपने कभी नहीं सुना होगा।

दरअसल आपको बता दें कि इस स्‍ट्राइक को लेकर अब नगरोटा के पूर्व कॉर्प कमांडर लेफ्टिनेंट जनरल राजेंद्र निंबोरकर ने बड़ा खुलासा किया है जिसमें उन्‍होंने कई सारी बातें बताई हैं जो आजतक आप नहीं जानते होंगे। दरअसल आपको बता दें कि इस सर्जिकल स्‍ट्राइक पर डिस्‍कवरी चैनल ने एक डॉक्युमेंट्री भी तैयार की थी जिसको टीवी चैनल पर दिखाया गया था। निंबोरकर ने बताया कि इस सर्जिकल स्‍ट्राइक के दौरान कमांडो ने तेंदुए के पेशाब और मल का उपयोग किस तरह से किया था।

निम्भोरकर ने बताया, “रास्ते में संभावना थी कि गांवों में कुत्ते हम पर भौंकें… हम जानते थे कि वह तेंदुए से डरते हैं, सो, हम तेंदुए का पेशाब अपने साथ ले गए थे, और वह काम कर गया… कुत्ते सामने आने से भी डरते रहे…” बता दें कि सर्जिकल स्ट्राइक में आतंकियों को काफी नुकसान हुआ था। इन कुत्‍तों को कमांडो से दूर रखना था। इनको दूर रखने में सबसे बड़ा सहायक था तेंदुए का पेशाब और मल।

ये एक ऐसा इलाका भी था जहां अक्‍सर तेंदुए कुत्‍तों का शिकार करते थे। लिहाजा कमांडोज को बचाने के लिए इसको ही एक जरिया बनाया गया। सर्जिकल स्‍ट्राइक को अंजाम देने वाले कमांडोज को खासतौर पर तेंदुए का मल और पेशाब दिया गया।