2 से अधिक बच्चे पैदा करने वाले हो जाएं सावधान, सरकार कर रही है कड़ी कार्रवाई की तैयारी

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हमारे देश में जिस कदर जनसंख्या तेजी से बढ़ रही हैं| उसे देखकर ऐसा लगता हैं की वो दिन ज्यादा दूर नहीं हैं जब हम जनसंख्या की दृष्टि से नंबर एक के पोजीशन पर हो| जैसा की आप सभी जानते हैं कि जनसंख्या की दृष्टि से हम दूसरे नंबर पर हैं और पहले नंबर पर चीन हैं| लेकिन चीन ने अपनी बढ़ती जनसंख्या को देखते हुये कई कड़े कानून लागू कर दिये हैं|

जिसकी वजह से वहाँ अब जनसंख्या नियंत्रण में हैं| चीन ने जिस योजना के तहत जनसंख्या को नियंत्रित करने का प्रयास किया हैं| उस योजना का नाम वन चाइल्ड पॉलिसी हैं| इसके तहत कोई भी दंपत्ति सिर्फ एक बच्चे को ही जन्म दे सकते हैं| यदि इसके अलावा उन्होने दूसरे बच्चे को जाम दिया तो उस बच्चे को जीवन के आधारभूत जरूरते यानि शिक्षा, रोजगार इत्यादि सरकार द्वारा उपलबद्ध नहीं कराई जा सकेगी|

हमे अपने पड़ोसी को देख कर इस तरह के नियम जनसंख्या को नियंत्रित करने के लिए बनाए जानी चाहिए| दरअसल हमारे देश में लोकतंत्र का हवाला देकर हम कोई भी सख्त कानून या जनसंख्या कंट्रोल नीति नहीं बना पाएं हैं। लेकिन बढ़ती जनसंख्या से उत्पन्न समस्याओं को देखकर लगता है कि अब मामला बदला जा सकता है और जनसंख्या को नियंत्रित करने के लिए जल्द ही एक सख्त कानून सरकार द्वारा बनाया जा सकता हैं|

गौरतलब हैं कि देश में जनसंख्या नियंत्रण को लेकर 125 सांसदों ने राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद से मुलाकात कर एक सख्त कानून बनाने की सिफ़ारिश की है। इसके लिए भाजपा समेत टीडीपी, शिवसेना और अन्य दलों के सांसदों ने भी राष्ट्रपति को एक ज्ञापन सौंपा है। इन सांसदों ने शुक्रवार को राष्ट्रपति से मुलाकात कर बढ़ती जनसंख्या पर चिंता व्यक्त की और जनसंख्या नियंत्रण पर कानून के मुद्दे पर भी चर्चा की हैं|

जनसंख्या नियंत्रण के चर्चा में भाजपा सांसद मीनाक्षी लेखी, उदय प्रताप सिंह, संजीव बालियान, लक्ष्मण यादव, शिवसेना के अरविंद सावंत, टीडीपी के रामबाबू नायडू और जयदेव गल्ला, सुरेश अंगड़ी, समेत कई अन्य सांसद शामिल हुये थे। इस ज्ञापन को एक एनजीओ के साथ मिलकर तैयार किया गया हैं| जिसमें कई अहम बिंदूओं को रेखांकित किया गया है।

सांसदो के द्वारा राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद को दिये गए ज्ञापन के मुताबिक, यदि कोई भी दंपत्ति तीसरा बच्चा पैदा करते हैं तो उनपर दंडात्मक कार्रवाई करने की सिफ़ारिश की गयी हैं। इसके अलावा उन्हें सरकारी नौकरी और वोटिंग का अधिकार छिन लेने के बारे में कहा गया हैं। जाति-धर्म से ऊपर उठकर यह कानून सभी देशवासियों पर लागू होगा| जनसंख्या नियंत्रण पर बनने वाले कानून में किसी भी धर्म या जाती के लोगों को रियायत नहीं दी जाएगी| कानून तोड़ने पर सभी जाती और धर्म के लोगों को दंडित किया जा सकता हैं|

एक सरकारी रिपोर्ट के मुताबिक साल 2050 तक भारत की आबादी लगभग 56% तक बढ़ जाएगी| ऐसे में इस तरह के कानून की हमारे देश में बहुत जरूरी हो गया हैं| हालांकि भारत देश जैसे लोकतंत्र में इस तरह के कानून बनाया जाना आसान नहीं होता हैं|

इसलिए अब ये कानून बनता है या नहीं यह भविष्य में देखने वाली बात हो सकती हैं| इस बढ़ती जनसंख्या को देखकर इस तरह के सख्त कानून की जरूरत हैं|